घर है या रंडी खाना पार्ट-1 | Wife Swapping Sex Story

घर है या रंडी खाना पार्ट-1 | Wife Swapping Sex Story

ओपन फैमिली स्टोरी में चार भाइयों की चार पत्नियाँ हैं. ये आठों लोग एक दूसरे के साथ खुलेआम सेक्स करते हैं. कोई भी किसी को भी चोद लेता है. पढ़ने का आनंद लें!

दोस्तो, मेरा नाम Ali khan है। मेरी उम्र 20 साल है, मैं दिखने में मजबूत हूँ क्योंकि मैं हमेशा व्यायाम करता रहता हूँ।

ये मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे पल थे जो मैं आज आपके साथ शेयर करने जा रहा हूं।

मैं आपको पहले बताना चाहता हूं कि यह एक Wife Swapping SexFamily Sex Stories है, जो कमोबेश सच्ची घटनाओं पर आधारित है.

आइए मैं आपको सभी से परिचित कराता हूं।

मेरे पिता- Aadil.

मेरे पापा- Aadil.
मेरी माँ- Poonam.

सबसे बड़े चाचा- Imran.
सबसे बड़ी चाची- Shehnaaz.

मंझले चाचा- Aariz.
मंझली चाची- Ashika.

अंकल नंबर तीन- Aariz.
मौसी नंबर तीन – Kritika.

हमारे घर में मैं अकेला वारिस हूं क्योंकि मेरे तीनों चाचाओं के कोई संतान नहीं है.

हमारा घर बहुत बड़ा है. मेरे पिता Imran एक बहुत बड़े बिजनेस मैन हैं. बिजनेस अच्छा होने के कारण हमारे घर में पैसों की कोई कमी नहीं है.

हमारे घर में सभी लोग बहुत खुले विचारों वाले हैं। मतलब हमारे घर में कोई भी किसी को चोद सकता है, बिना किसी रोकटोक के.
दरअसल, घर के सभी सदस्य अपनी रातों को रंगीन बनाने के लिए अपनी पसंद के सेक्स पार्टनर को घर में लाते हैं या उनके साथ जाते हैं। इससे किसी को कोई परेशानी नहीं हुई.

बिजनेस के सिलसिले में कोई बड़ी डील करने के लिए अक्सर घर की औरतें गैर मर्दों से बिस्तर पर ही चुदाई करती थीं.
इन सबके कारण पापा, मम्मी और चाचा-चाची के बीच पूरा खुलापन आ गया था.

सब लोग एक साथ ड्रिंक और सिगरेट पीते थे.
जब घर के सेंट्रल हॉल में ब्लू-फिल्में चलती थीं तो कोई आंटी किसी अंकल के साथ सेक्स करने लगती थी या मेरे पापा किसी आंटी के साथ सेक्स गेम खेलने लगते थे.

ये सब खेल खुलेआम चलता था. किसी को किसी बात से कोई आपत्ति नहीं थी.
हमारे घर में एक सेक्स रूम भी है, जिसमें हर तरह के सेक्स टॉयज रखे जाते हैं.

इस माहौल के कारण, हमारे घर में लगभग हमेशा फोरसम सेक्स होता है।
कभी पार्टनर बदल कर तो कभी किसी बाज़ारू रंडी को बुला कर.

मैं यह सब अपनी आँखों से तब से देख रहा हूँ जब मैं बच्चा था।
जब मैं आपको यह सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूं, उस समय मैं जवान था और मेरा 19वां जन्मदिन आने वाला था.
उसी समय हमारे घर में मेरे तीसरे चाचा यानि Aariz की शादी Kritika से हो गयी.

हम सब उस शादी से खुश थे. शादी ख़त्म होने के बाद हम सब अपने घर आ गए और सभी बड़े लोग चाचा चाची की हनीमून की तैयारी करने लगे.

Aariz अंकल का बिस्तर पूरा सजा हुआ था.

फिर रात को करीब 8 बजे मेरे घर के सभी लोग Aariz अंकल के कमरे में आये और सभी ने एक-एक करके गोलियां खा लीं.

घर में Wife Exchange करते थे कोई किसी की बीवी को चोदता था तो कोई किसी से चुदता था। ऐसे ही बीवियों की अदला-बदली चलती थी

मैंने माँ से पूछा- माँ, तुम सब क्या खा रही हो, मुझे भी दे दो!
माँ ने कहा- बेटा, जब तुम बड़े हो जाओगे, तब मैं तुम्हें अपने हाथों से यह खिलाऊंगी और तब तुम हम सब से आनंद लेना. अभी तुम्हारी उम्र नहीं हुई है तो जाकर सोफ़े पर बैठ कर यह प्रोग्राम देखो.
मैंने भी कुछ नहीं कहा और सीधा जाकर सोफे पर बैठ गया.

यह सुनकर Kritika आंटी बोलीं- ये तो बहुत खुशी की बात है. आज मैं चार चार लंड से चुदने जा रही हूँ.

Aariz चाचा ने Poonam को आवाज दी- भाभी, अब आप भी यहां आ जाओ. मैं तुम्हारे सारे कपड़े उतारना चाहता हूँ, देखो हम सब नंगे हैं अब केवल तुम और Kritika बचे हैं।
मम्मी बोलीं- आ रही हूं यार, कहीं नहीं जा रही.

फिर चाचा ने माँ को नंगा कर दिया और एक हाथ उनके बूब्स पर और एक हाथ उनकी चूत पर रखकर सहलाने लगे.

उनको देख कर मेरे पापा Imran भी Kritika आंटी को नंगा करके उनकी चूत और गांड चाटने लगे.

साथ ही Aariz चाचा Shehnaaz चाची को चूमने लगे और उनकी Moti Gand मसलने लगे.
उन्हें देखकर Imran अंकल Ashika आंटी की चूत में अपनी उंगलियां डालने लगे और उनके होंठों को चूसने लगे.

कुछ देर बाद सभी लोग 69 की पोजीशन में आ गये और लंड और Pink Chut चूसने लगे.

करीब 10 मिनट तक चुसाई चलती रही.
इसी बीच मेरी मां Poonam गिर गईं.

Kritika आंटी, Shehnaaz आंटी एक बार और Ashika आंटी दो बार झड़ चुकी थीं।

फिर भी वो सभी थक नहीं रहे थे क्योंकि उन सभी पर गोली का असर शुरू हो गया था और सभी एन्जॉय करने में लगे हुए थे.

तभी मेरी मां Poonam बोलीं- Aariz, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता. मुझे तुम्हारा लंड चाहिए जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डालो और चोदो अपनी भाभी की प्यारी चूत को।

इतना सुनते ही अंकल ने माँ को लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ गये और अपना लंड माँ की चूत के ऊपर रगड़ने लगे.

मम्मी कामुक आवाजें निकालते हुए बोलीं- आह उई मां आह … पूरा पेलो ना आह अब और तड़पाओ राजा … पेल दो चूत में.

उधर अंकल भी कम नहीं थे, वो माँ की चूत में लंड का टोपा डाल रहे थे और तुरंत बाहर निकाल रहे थे ताकि उन्हें और ज्यादा तकलीफ हो।

थोड़ी ही देर में मम्मी को गुस्सा आ गया और अंकल को गालियां देने लगीं- हरामी … लंड अन्दर डाल … नहीं तो तेरी मां चोद दूंगी … डाल भैन के लंड … डाल अपना लंड मेरे भोसड़ा में हरामी.

गाली सुनकर अंकल को गुस्सा आ गया और उन्होंने एक जोरदार धक्के के साथ अपना लंड मम्मी की चूत में अन्दर पेल दिया.

इस अचानक झटके से चाचा का लंड सीधा जाकर माँ की बच्चेदानी से जा टकराया।

मम्मी तड़फ उठीं- आह भोसड़ी के जान लेना क्या मेरी … आह धीरे धीरे पेल मादरचोद!
उधर Aariz चाचा Shehnaaz चाची को चोद रहे थे.

Imran अंकल Kritika चाची को और Imran अंकल Ashika चाची को खाना खिला रहे थे.
कुछ देर बाद उसने पोजीशन बदल ली.

अब अंकल मेरी मां की टांग को हवा में उठाकर चोद रहे थे.
Imran चाचा Kritika चाची को डॉगी स्टाइल में चोद रहे थे.

उधर Shehnaaz आंटी Aariz अंकल के ऊपर और Ashika आंटी Imran अंकल के ऊपर चढ़ कर सेक्स का मजा ले रही थीं.

दोनों के दूध मस्ती से हिल रहे थे जिन्हें दोनों चाचा मसल कर चाची की चूत का भोसड़ा बनाने में लगे हुए थे.

करीब 15 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा.
उसके बाद मेरे पापा Imran बोले- अब सब लोग अपने पार्टनर के साथ सेक्स करो.

सारे अंकल अपना माल चोदने लगे.
करीब 5 मिनट के बाद मैं थोड़ा करीब गया और पापा से कहा- पापा, मैं बहुत दिनों से देख रहा हूँ कि आप सिर्फ चूत ही चाट रहे हैं, अब इसकी गांड भी मारो!

तब पापा ने कहा- हां बेटा, मैं अब तुम्हारी मम्मी की गांड मारता हूँ.

इसी के साथ पापा ने आवाज देकर कहा- छेद बदलो रे.
ये सुन कर सभी ने गांड मारने की हामी भर दी और सब अपने अपने पार्टनर को डॉगी स्टाइल में लेकर उनकि गांड में लंड रगड़ना शुरू कर दिया.

सबने लगभग एक ही साथ में गांड मारना शुरू कर दिया था.

मम्मी और चाचियों की गांड पहले से ही खुली हुई थी तो सभी औरतों ने मस्ती से लौड़े लेकर कामुक सिसकारियां लेनी शुरू कर दीं.

‘आह आह फ़क मी … उह या उह उइ मां मार डाला रे … आह आह और जोर से … और जोर से पेलो.’

मेरे दोनों चाचाओं ने और पापा ने अपनी अपनी रफ्तार बढ़ा दी और जोर जोर से गांड मारने लगे.

करीब 10 मिनट बाद पापा ने मम्मी की गांड में ही अपना सारा माल गिरा दिया.

उधर एक चाचा ने चाची की गांड से लौड़ा निकाल कर उनकी चूत के अन्दर रस भर दिया, तो दूसरे चाचाओं ने क्रमश: मम्मों के ऊपर और मुँह के अन्दर अपना रस गिरा दिया और सो गए.

इस ओपन सेक्स फॅमिली कहानी में अब मैं आपको बताऊंगा कि मेरे 19 साल होने के पार्टी में क्या हुआ.

उस दिन सुबह के वक्त जब मैं उठा और देखा कि घर की सभी चाची और मेरी मम्मी मेरे सामने खड़े हुए थे.

मैं उन्हें ऐसे अचानक सुबह सुबह एक साथ देख कर चकित हो गया.

तभी मम्मी मेरे पास आकर मेरे होंठों पर किस करती हुई बोलीं- आज तुम्हारा बर्थडे है और तुम 19 साल के हो गए हो … इसीलिए हम सब तुम्हारे पास सुबह सुबह खड़े हुए हैं.

फिर सबने मुझे जन्मदिन की बधाई दी.
चाचियों ने मेरे पास आकर मेरे होंठों में किस किया.

मेरे लंड को सहला कर Kritika चाची बोलीं- आज, अपने हथियार को सम्भाल कर रखना राजा. क्योंकि आज तुम्हारे लौड़े का एग्जाम है और तुम्हें इस एग्जाम में पास होना है. इसलिए रात के बड़े सरप्राइज के लिए तैयार रहो.

मैं यह बात सुन कर बहुत ही खुश हो गया और मेरा लंड पैंट के अन्दर से ही तंबू बनाने लगा.

यह देख कर Shehnaaz चाची ने कहा- लो जी, ये तो अभी से इतना उत्तेजित लग रहा है. आज पता नहीं कितनों की चूत भोसड़ा बनने वाली है.
ये सुन कर सब हंसने लगे.

फिर मैंने मम्मी को बुलाया और उनसे कहा- मम्मी जरा मेरे लंड को चूसो न … देखो कितना बड़ा हो गया है! प्लीज आप ही शुरुआत में कुछ करो.

मम्मी ने सबके सामने मेरा पैंट खोल दिया.
वे मेरे कड़क लंड को अपने हाथ से हिलाने लगीं और चूसने लगीं.

फिर मम्मी ने उसी समय अपना ब्लाउज खोल दिया और अपनी चूचियों को मेरे लंड के दोनों साइड में रख कर जोर जोर मजा देना चालू कर दिया.
मेरे लौड़े को अपने मम्मों में दाब कर उन्होंने मम्मों को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया.

यह देख कर तीनों चाचियों का हाल खराब होने लगा.
नए लौड़े को देख कर उनकी चूत पानी छोड़ने लगीं.

मेरा लंड करीब लंबा और काफी मोटा हो गया था.
मेरे लौड़े का आकार हमारे घर के सभी लौड़ों से बड़ा था क्योंकि मैं लंड को बड़ा करने और मोटा बनाने के लिए दवा भी खा रहा था और कसरत भी कर रहा था.
इसलिए मेरा लंड सबके लंड से मोटा और बड़ा था.

करीब 20 मिनट तक मम्मी ने मुझे ब्लो जॉब देती रहीं.
फिर मैंने कहा- मम्मी अपनी चूत दिखाओ न … उसके अन्दर मुझे झड़ना है.

ये सुन कर मेरी मम्मी मेरे कंधों की मदद से लटक कर मुझसे चिपक गईं और चूत को लंड के निशाने पर सैट कर दिया.

मैंने एक धक्का देते हुए मां की चूत में निशाना लगाया और धकापेल शुरू कर दी.

कुछ ही तेज धक्कों के बाद मैंने उनकी चूत के अन्दर ही अपना माल टपका दिया और उनको किस करते हुए बेड पर लिटा दिया.
करीब 5 मिनट के बाद मम्मी ने कहा- चलो बेटा, अब पूरी तरह से मुझे चोद दो. अब और मत तड़पाओ मुझे!

मैंने कहा- मम्मी बस रात तक रुक जाओ. मैं आपको रात को अपनी जिन्दगी का सबसे बड़ा सुख दूंगा.
पर मम्मी ने कहा- नहीं बेटा प्लीज़, बस एक बार अभी चोद दो.

मगर मैं नहीं माना और उनकी गांड में एक जोरदार थप्पड़ मार कर बाथरूम के अन्दर चला गया.

मेरे इस व्यवहार को देख कर Shehnaaz और Ashika चाची ने कहा- आह … काश ये थप्पड़ मेरी गांड और बूब्स में लगता!
मम्मी ने तब तक अपनी साड़ी ठीक की और बोलीं- वो मेरा बेटा है, इसलिए पहली Bur Chudai मेरी ही होगी और उसका लंड पहले मेरी गांड और चूत में घुसेगा.
ये कहकर वह चली गईं.

मम्मी का ये अंदाज देख कर तीनों चाचियों ने कहा- देखो इस रखैल को … रंडी क्या बोल कर चली गयी. अब हमें ही कुछ करना पड़ेगा.

Kritika चाची ने कहा- इसके लिए मेरे पास एक आईडिया है!
सबने पूछा- क्या प्लान है?

Kritika चाची ने कहा- आज चारों भाई घर नहीं आने वाले हैं. इसलिए एक काम करते हैं. इस छिनाल के लिए 3 बंदों को हायर करते हैं, जो इस रखैल की गांड चूत और उसके हर छेद में अपना लंड घुसा देंगे. तब उसे पता चलेगा कि हमसे टक्कर लेने का क्या अंजाम होता है.

ये सब बातें मैंने बाथरूम के अन्दर सुन ली थीं पर मैं कुछ नहीं बोला.

फिर शाम को मैंने मम्मी और तीनों चाचियों से पूछा कि पापा और चाचा लोग सब कहां हैं?
Ashika चाची ने कहा- बेटा वे सब आज सुबह ही अमेरिका निकल गए हैं. उन्हें बिजनेस की सिलसिले में जाना था. वो 30 दिन बाद आएंगे.

मैंने कहा- चलो ठीक है, तो फिर आप सब मेरे साथ शॉपिंग करने चलो.
सब खुश हो गईं और एक साथ बोलीं- हां हां चलो.

हम सब गाड़ी में बैठ कर मॉल के लिए निकल गए.

उधर पहले हम सब जेंट्स कॉर्नर में गए और वहां से चारों औरतों ने मेरे लिए जींस, शर्ट, कच्छे-बनियान वगैरह अपने पसन्द से खरीदे.

फिर मैंने कहा- चलो अब लेडीज कार्नर में … आप सबके लिए मुझे भी कुछ खरीदना है.

हम सब वहां पर गए और मैंने Kritika चाची के लिए दो जोड़ी ब्रा और पैंटी के सैट खरीदे और एक बिकिनी भी.
मैंने उनसे कहा- चाची चलो ट्राइल रूम में … वहां जाकर चैक करो कि ये कैसी लग रही हैं.
वो बोलीं- हां चलो तुम भी साथ में चलो.

मैंने कहा- ओके आप चलो, मैं भी आता हूँ.

हम दोनों ने वहां ट्रायल रूम में पहुंच कर अन्दर से कुंडी लगा दी.

दोस्तो, ये सेक्स कहानी का अगला भाग मेरे साथ मेरी चाचियों की Chut Chudai का भाग है, जिसमें आप सभी को काफी मजा आने वाला है. 

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घर है या रंडी खाना कहानी का अगला भाग: Wife Swapping Sex Story part 2

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