साली आधी घरवाली ने बुर चुदाई करवाई | Jija Sali XXX Story

साली आधी घरवाली ने बुर चुदाई करवाई | Jija Sali XXX Story

Wildfantasy.in के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार

आज की रितु जी की कहानी आयुष्मान की जुबानी धन्यवाद रितु जी आपने मुझे अपनी कहानी रखने का अवसर दिया। 

Jija Sali XXX Story में मेरी साली ने खुद से पहल करके अपनी कुंवारी बुर को मेरे लंड से खुलवा लिया. उसने सोते हुए मेरा लंड पकड़ लिया।

फ्रेंड्स, मेरा नाम मोहित है.

मेरी पिछली कहानी थी। 

हॉट साली की ससुराल में बुर चुदाई की | Hot Sali Sex Kahani

बहुत सारे पाठकों ने पसंद की थी.

धन्यवाद.

अब मैं आपके सामने अपनी एक और सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ.

पहले मैं आपको बता दूँ कि यह मेरे जीवन के सबसे अदभुत क्षण थे जो मुझे सदा गुदगुदाते रहते हैं.

मेरी शादी हो चुकी है और मेरी वाइफ Kritika Bakshi काफी सेक्सी है.
पर यह Jija Sali XXX Story मेरी छोटी कुंवारी साली की है.

बात अभी कुछ दिन पहले की ही है.
मेरे छोटा भाई का विवाह था और उसकी शादी में मेरी ससुराल से मेरी साली कुछ दिन पहले आ गई थी ताकि वो मेरी बीवी को मदद कर सके.

मैं साली को लेने बस स्टैंड गया.

जैसे ही मैं बस से बाहर आया तो रिया (मेरी साली) ने मुझे देख लिया.
तभी मेरी भी नजर उससे मिली और मैं उसके पास पहुंच गया.

मैंने उसका बैग उठाया ही था कि रिया ने मेरी उंगली पकड़ ली।
मैं उसे देख कर मुस्कुराया और हम दोनों मीठी मुस्कान के साथ आगे बढ़ गए.

मैं उसके साथ पार्किंग में आया और उसका बैग अपनी कार में रखकर हम दोनों बस स्टैंड से घर आ गए।

रास्ते में रिया मुझसे हंस कर बात करती रही.
उसकी खिलखिलाहट मुझे बहुत राहत दे रही थी और मैं उसे देख कर ही अंदर एक मीठी सी अनुभूति महसूस कर रहा था।

मैं आपको बता दूं कि रिया उस समय बहुत सेक्सी लग रही थी।
उसके टाइट टॉप में से उसके 34 साइज के मम्मे बहुत टाइट दिख रहे थे.

मैंने देखा कि उसकी गांड भी पहले से बड़ी हो गयी थी.
टाइट जीन्स पहनने के कारण उसकी गांड की दरार साफ़ दिख रही थी.

वो बहुत सेक्सी लग रही थी.
उनका सांवला रंग उनकी छवि में चार चांद लगा रहा था जिससे वह किसी सेक्सी मॉडल से कम नहीं लग रही थीं.
लेकिन अभी तक मेरे मन में उसके लिए कोई गलत विचार नहीं आया था.

घर आते ही रिया सबसे घुलमिल गयी और सबके साथ काम में व्यस्त हो गयी.

उसी दिन की बात है. घर में कुछ और मेहमान आ गये थे, जिसके कारण रात को रिया को सोने के लिये जगह नहीं मिली।

मेरी बीवी बोली- आज हम तीनों एक साथ सोते हैं.
इस वजह से हम तीनों एक ही बिस्तर पर आ गये थे.

मुझे याद है मेरी पत्नी रात के 2 बजे उठी और बाथरूम चली गयी. लेकिन वो मेरे पास ही सो गयी, जिसके कारण मैं, रिया और मेरी पत्नी कृतिका बीच में आ गये.
उस वक्त मैं जाग रहा था, लेकिन फिर भी मैंने कुछ नहीं कहा.

फिर मैं फिर से रिया की तरफ घूमा तो उसकी तनी हुई चुचियाँ मेरे सामने आ गईं और उसके टॉप के अंदर से दिख रही उसकी चुचियों की दरार देखकर मैं गर्म होने लगा.
अभी मैं कुछ सोच ही रहा था कि तभी रिया ने अपना हाथ मेरे लंड के पास रख दिया और मैं तुरंत कृतिका की तरफ देखने लगा.

कृतिका गहरी नींद में सो रही थी.
मैं थोड़ी देर रुका और आगे बढ़ने की सोचने लगा.

अब तक मेरे अंदर भी कामुकता जाग चुकी थी.
मैंने भी उसकी एक चूची पकड़ ली और धीरे-धीरे मसलने लगा।
साथ ही मैं उसके चेहरे को देखता रहा क्योंकि उसका हाथ अभी भी मेरे लंड पर था।

थोड़ी देर बाद मुझे उसका लंड टाइट होने लगा तो मैं डर गई और मैंने रिया की चूची मसलना बंद कर दिया।

एक पल बाद मुझे फिर से वासना ने घेर लिया और मैं उसके करीब आने लगा.
तभी रिया जाग गयी. जैसे ही उसकी आंख खुली, मैंने तुरंत हाथ हटा लिया और सोने का नाटक करने लगा.

रिया ने अपना हाथ मेरे लंड से हटा लिया और धीमी आवाज में मुझे जगाने लगी.
मैंने अनजान बनते हुए रिया से कहा- मैं.. क्या हुआ?

उसने बहुत धीमी आवाज में इशारा करते हुए कहा- आप कमरे से बाहर आ जाइये.
ये कह कर वो उठी और बालकनी की तरफ चली गयी.

उसके वहां जाते ही मैंने एक बार अपनी बीवी कृतिका की तरफ देखा और मैं भी उठ कर बालकनी की तरफ आ गया.

रिया और मैं बालकनी में आ गये।
रिया बोली- मुझे मालूम है कि तुमने मेरी चूची पकड़ रखी थी.

यह सुनकर मैं डर गया, लेकिन मैंने कहा कि मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ?
वो बोली- क्या मैं तुम्हें पसंद हूँ?

मैंने कहा- नहीं.. तुम पागल हो क्या? अगर कुछ हुआ भी होगा तो गलती से हुआ होगा.
रिया- झूठ बोल रहे हो ना?

मैं- नहीं, मैंने गलती से कृतिका को दबा दिया होगा.
रिया- लेकिन तुम्हें तो पता है ना कि ये ग़लत हो गया था?

मैं- हां जानता हूं रिया, लेकिन छोड़ना मत. वैसे भी तुम मेरे परिवार का आधा हिस्सा हो ना… तो इतना ही काफी है यार!
रिया गुस्से में बोली- तो फिर मुझे भी मत चोदो… आख़िर इसमें तुम्हारा भी हक़ है ना?
मैं- सॉरी रिया, मेरे कहने का मतलब ये नहीं था.

लेकिन रिया रोने लगी.
अब तो मेरी गांड फट गयी.

मैं उसके करीब आया और उसे चुप कराने की कोशिश की.

रिया बोली- सॉरी जीजू, इसमें आपकी कोई गलती नहीं है, मेरी किस्मत खराब है.
मुझे समझ नहीं आता कि दुर्भाग्य का मतलब क्या है?

रिया ने आगे कहा कि मेरी एकमात्र समस्या यह है कि मैं सांवली हूं और न ही मेरा कोई बॉयफ्रेंड है। अगर वो बॉयफ्रेंड भी बना तो भी वो सिर्फ मेरे साथ सेक्स करना चाहता था. कोई भी मुझसे प्यार नहीं करता हर कोई बस मुझे चोदना चाहता है। कोई भी मेरे साथ ईमानदार नहीं रहना चाहता. इसी वजह से मुझे ऐसी दिक्कत हुई है.

रिया ये कह कर वो मुझसे चिपक कर रोने लगी.

मैं उसे सहलाते हुए चुप कराने लगा- अरे इतनी सी बात पर रोते नहीं है रिया. मैं तेरा ब्वॉयफ्रेंड बनवा देता हूं, जो तुझको पसंद करे … केवल सेक्स करना ही ना चाहे.

रिया- जीजू, कोई नहीं मानेगा. मैं सांवली जो हूँ!
मैं- चल तो एक काम कर. जब तक तेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड न हो, तब तक मैं तेरा ब्वॉयफ्रेंड … बोलो अब कोई प्रॉब्लम है?

रिया- फिर मेरी कामुकता … अगर मैं बहक गई तो दीदी का क्या होगा?
ये कह कर रिया हंसने लगी.

मैं- रिया एक काम करते हैं. अगर ऐसी कोई प्रॉब्लम हैं तो हम दोनों चुदाई छोड़ कर और कुछ भी करेगें. बोलो चलेगा … करोगी?
रिया मुस्कुराती हुई- ठीक है.

फिर हम लोग सोने आ गए.

पर कुछ देर के बाद ही दोनों एक साथ बोलने को हुए.
मैं चुप हो गया और रिया बोली- जीजू सुनो न … मुझे कुछ कुछ हो रहा है.
उसने ये कह कर मेरा हाथ पकड़ लिया.

उसके स्पर्श से मुझे भी कुछ होने लगा; मैंने उसको खींच कर अपने गले से लगा लिया.
रिया भी मेरा साथ देने लगी.

हम दोनों में वासना जागृत होने लगी; आग और भूसा का मिलन जैसा होने लगा.
हमारे होंठ मिल गए.

रिया ने मेरे लंड को जोर से पकड़ लिया और मैं उसकी चूची को मसलने लगा.

तभी रिया मुझसे अलग हो गई और पलट कर लम्बी लम्बी सांसें भरती हुई मुझसे सोने को कहने लगी.
जैसे ही मैं पलटा तो देखा कि सिमरन जागने लगी थी.

फिर मैंने सिमरन को अपनी ओर खींचा और उसकी चूचियों को टॉप से निकालने लगा.

जल्द ही मैंने सिमरन की एक चूची को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा.

ऐसा करने से सिमरन पूरी तरह से जाग गई और बोली- क्या कर रहे हो यार … रिया भी है. उसको पता चल जाएगा कुछ दिन शांत रहो!

मैं रुक गया और मैं सिमरन को चिपका कर सो गया.
यह सब रिया ने सुन लिया था.

फिर लगभग 4 बजे सुबह रिया मेरे पास को आई और मुझे हिलाती हुई धीमी आवाज में जगाने लगी- जीजू जीजू!
मैं जाग गया.

रिया- जीजू बालकनी में आओ.
मैं- ठीक है … आता हूँ.

रिया बालकनी में आते ही कहने लगी- सॉरी जीजू … वो दीदी जाग गई थी न … इसलिए मैंने आपको हटा दिया. मगर मुझे आपसे कुछ कहना भी है.
मैं- हां बोलो!

रिया- जीजू. मैंने जब से आपका लंड पकड़ा है, मैं पागल हो गई हूं. आपका लंड काफी बड़ा है. मुझे बस आज इसको चूस लेने दो.
मैं उसकी बात सुनकर हैरान था कि कहां तो ये सेक्स की बात करना नहीं चाहती थी और कहां ये लंड चूसने की बात कर रही है.

तभी उसने अपने टॉप के बटन खोल दिए, जिससे उसकी आधी चूचियां दिखने लगीं.
मैं अभी उसकी Big Boobs को ही देख रहा था कि मेरे लंड ने औकात दिखानी शुरू कर दी.

मैंने कहा- एक शर्त है मेरी!
रिया- मुझे सब मंजूर है, पर प्लीज आप अपने लंड को आज मुझे चूस लेने दो प्लीज़.

मैं- शर्त यही है कि तुम मेरे साथ सेक्स करोगी. वो भी मेरे भाई की सुहागरात वाले दिन … और यह सब कैसे करोगी, वो तुम्हारी प्रॉब्लम है. मेरा लंड देख तेरी कामुकता जगी है, उसी तरह तेरी चूचियों का मैं भी दीवाना हो गया हूँ.
रिया- अब बोलोगे ही या लंड भी बाहर निकालोगे. मैं सब करूंगी, बस आज ये लंड मुझे दे दो ठाकुर!

वो शोले का डायलॉग बोल कर मेरे लवड़े को पकड़ कर सहलाने लगी.

मैंने भी अपना लोअर नीचे कर दिया और अपना 6 इंच का लंड को बाहर निकाल कर रिया के सामने हिलाने लगा.

रिया ने लंड देखते ही उसे जोर से पकड़ लिया और नीचे झुक कर लंड चूसने लगी.
मैं भी वासना में खोने लगा.

रिया बिल्कुल लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को चूसने लगी थी.
उसकी लंड चुसाई देख कर साफ़ समझ आ रहा था कि लौंडिया खेली खाई है.

वो कभी मेरे लंड के सुपारे को ऊपर करके जीभ से चाटती तो कभी लंड को अन्दर भर कर जोर से काट लेती.

मैं चाह कर भी चिल्ला नहीं पा रहा था क्योंकि सिमरन के जाग जाने का खतरा था.
दूसरी तरफ मुझे लंड चुसवाने में बहुत ही अच्छा भी लग रहा था.

अचानक से रिया मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर जोर जोर से ऊपर नीचे ऊपर नीचे करने लगी.
कुछ ही पल बाद वो ऊपर उठ गई और अपने लोअर को नीचे करके उसने अपनी पैंटी को नीचे कर दी.

मैंने कहा- अभी ये सब करना सम्भव नहीं है.
पर वो कहां कुछ मानने वाली थी; उसके चेहरे पर Bur Chudai की भूख साफ साफ पता चल रही थी.

रिया ने मेरी कुछ नहीं सुनी और अपनी चूत मेरे सामने खोल कर चुदाई की मुद्रा में आ गई.
वो बालकनी की रेलिंग पकड़ कर Moti Gand हिलाने लगी थी.

मैंने देखा कि रिया की चूत क्या मस्त पकौड़ी सी फूली हुई थी.
हां थोड़ी काली थी पर बिल्कुल टाइट थी और टपक रही थी.

मैंने रिया को बालकनी के पास बनी दीवार के पास किया और उसकी एक टांग उठा कर फिर से लंड को चूत में डालने का कोशिश करने लगा.
रिया मुझे चूमने लगी थी क्योंकि हम दोनों ही आमने सामने हो गए थे.

होंठ से होंठ मिल गए थे और चूत ने लंड को कब अन्दर ले लिया, कुछ पता ही नहीं चला.

लंड चूत में जाते ही मुझे तरन्नुम आ गई और रिया तो पागल हो गई थी.
वह आह आह करती हुई बोलने लगी- आंह चोद दे मेरे जीजू प्यारे … और अन्दर पेल दो.
वो धीरे धीरे सिसकारियां भर रही थी.

मेरे धक्के काफी तेज होने लगे थे.
वो लगातार आह्ह … आह्ह … करती हुई मेरे लंड से चुदने लगी.

उसे अपनी चूत में दर्द ज्यादा हो रहा था इसलिए मैं रिया के होंठों को चूमता जा रहा था ताकि उसकी आवाज किसी को सुनाई न दे.
साथ ही मैं उसकी चूचियों को भी जोर जोर से मसलता जा रहा था.
फिर भी दबी आवाज में उसकी सिसकारियां ‘हअ होअ आह मां …. आह …’ निकल रही थीं.

उसकी गर्म गर्म चूत को चोदने में बहुत मजा रहा था.
अब रिया भी मुझे अपने अन्दर लेने लगी थी.

रिया न जाने कितने सालों से सेक्स की भूखी थी, ये साफ साफ पता चल रहा था.

उसको पता भी नहीं था कि उसकी चूत से खून भी निकल रहा है.
मैं भी रुका नहीं और चुदाई जारी रखी; उसकी चूत को पेलता रहा.

काफी देर की चुदाई के बाद अब उसकी चूत पच-पच करने लगी थी मतलब उसकी चूत ने मलाई छोड़ दी थी.

रिया मुझे अपने नाखूनों से नौंचने लगी थी और मुझे जोर से पकड़ कर मेरे होंठों को काटने लगी थी.

मेरा भी निकलने वाला ही था, मैंने आंखों से उसे इशारा किया तो वो समझ गई और बोली- जीजू मुझे रस पीना है.

मैंने लंड चूत से निकाला और रिया ने मेरे लंड को मुँह में ले लिया.
अगले ही पल लंड ने अपना रस फेंकना शुरू कर दिया.
रिया सारा माल चट कर गई.

फिर हम दोनों बाथरूम में गए.
उधर रिया को पता चला कि उसकी चूत से ब्लड भी निकला था.

मेरा लंड पूरा लाल हो गया था.
यहां तक कि मेरे होंठों से भी खून निकल रहा था जो रिया के काटने से निकला था.

यह देख कर रिया मेरे होंठों को जीभ से चाटने लगी और गले लग कर बोली- जीजू, आज मैं बहुत खुश हूं.
वो रोने लगी.

मैं थोड़ा कंफ्यूज़ था कि साली अभी क्यों रो रही है.
पर मुझे लगा अभी उसको शांत करा लेना जरूरी है.

मैंने उसे चुप कराया और लंड साफ करके बाथरूम से बाहर आ गया.

मैं सिमरन के बाजू में लेट कर सोचने लगा कि रिया में कितनी हवस है.

जब मैं रूम में पहुंचा तो देखा कि सिमरन जागी हुई थी.
वो मुझे देख कर बोली- हो गया सेक्स?

उसके मुँह से यह सुनते ही मेरी हालत खराब हो गई.
तभी रिया भी आ गई.
मैं एकदम ठंडा पड़ गया था.

दोस्तो, यह सेक्स कहानी तो यहीं समाप्त कर रहा हूँ.

आपके मन में सवाल होंगे कि मेरी वाइफ ऐसा क्यों बोली और रिया क्यों रो रही थी.

उस सबका जवाब अगली कहानी में लिखूंगा.

मुझे उम्मीद है कि आपको Jija Sali XXX Story अच्छी लगी होगी.

आप मुझे मेल और कमेंट्स से बताएं ऐसी ही और Sali Sex Story  पढ़ने के लिए Hindi Sex Stories को सब्सक्राइब करें ताकि आपके पास सबसे पहले नवी स्टोरियां आप आए

Mumbai Call Girls

This will close in 0 seconds